कमार जाति के युवाओं को नौकरी में प्राथमिकता देने महासमुंद सांसद ने राज्यपाल को लिखा पत्र

छुरा गरियाबंद छत्तीसगढ़ सेवा न्यूज़ के लिए रामकुमार यादव कि रिपोर्ट
सांसद चुन्नीलाल साहू के नेतृत्व में कमार समाज के प्रतिनिधि मिलेंगे प्रधानमंत्री मोदी से


छुरा - विशेष पिछड़ी जाति के रूप में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चिन्हित कमार जाति के युवाओं को सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता नहीं दी जा रही है। इसे लेकर महासमुंद लोकसभा क्षेत्र के सांसद चुन्नीलाल साहू ने छत्तीसगढ़ की राज्यपाल को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने मांग की है कि कमार जाति के योग्य युवक-युवतियों को भी सरकारी नौकरी, सीधी भर्ती व अन्य योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। इस वजह से उनकी शैक्षणिक, आर्थिक व सामाजिक स्तर निम्न होती जा रही है। सांसद साहू ने बताया कि प्रदेश में 40 हजार से कमार परिवार वनांचलों में रहते हैं। इनमें से अकेले महासमुंद लोकसभा क्षेत्र के गरियाबंद और महासमुंद जिले में 20 हजार परिवार निवासरत हैं।  इसे लेकर सांसद साहू 16 अक्टूबर को महासमुंद जिले के बागबाहरा विकासखंड के ग्राम सिर्रीपठारीमुड़ा  (कमारपारा) में विशेष जनजाति (कमार जाति) के गरियाबंद और महासमुंद जिले के समाज प्रमुखों की बैठक में शामिल हुए। बैठक में समाज प्रमुखों ने सांसद साहू से आग्रह कर प्रधानमंत्री नरेेंद्र मोदी से मिलने का समय मांगी। सांसद ने समाज के पांच प्रमुखों को वैश्विक महामारी कोविड 19 सामान्य होने पर मुलाकात करवाने का आश्वासन दिया। बैठक में राज्य शासन द्वारा प्रावधान 20 फीसदी आरक्षण को मूर्त रूप देने व योग्यताधारी कमार जाति के युवाओं विज्ञापित शासकीय नौकरियों में प्राथमिकता देने व विकस कार्यों के लिए बजट में राशि आवंटित करने की मांग रखी।


सीधी भर्ती में नहीं मिल रहा लाभ


सांसद चुन्नीलाल साहू द्वारा राज्यपाल को लिखे पत्र में उल्लेख किया गया है कि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा वर्ष 2019 में शिक्षक भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया व परिणाम घोषित कर वरीयता सूची जारी कर अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन हो चुका है। इस भर्ती प्रक्रिया में विशेष पिछड़ी जानजाति के अभ्यर्थियों को शामिल नहीं किया गया। जबकि सामान्य प्रशासन विभाग के 20 अप्रैल 2014 के आदेश में कहा गया है कि राज्य सरकार के समस्त विभाग को विज्ञापन जिला स्तरीय पदों पर भर्ती के समय अनुसूचित जनजाति वर्ग के आरक्षित पदों में 20 फीसदी पर विशेष पिछड़ी जनजातियों को नियुक्ति दी जानी है। इसका उल्लेख कंडिका क्रमांक 1,2,3 अथवा 5,6 में विशेष रूप से किया गया है।

सरकार ले चुकी है निर्णय फिर भी अनदेखी

पत्र के अनुसार, वर्तमान राज्य सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ जनजाति सलाहकार परिषद की बैठक 27 अगस्त 2019 को आयोजित की गई थी, इसमें एजेंडा क्रमांक 4 के बिन्दु क्रमांक  (1) के तहत भी पिछड़ी जनजातियों को शासकीय सेवा में तृतीय व चतुर्थ श्रेणी पदों पर नियुक्ति किए जाने का सरकार द्वारा निर्णय लिया गया है। सांसद #साहू  ने राज्यपाल अनुसूइया उइके से आग्रह किया है कि विशेष जनजाति कमार जाति के समग्र विकास के लिए तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के शासकीय नौकरी व सीधी भर्ती में प्राथमिकता दिलवाएं। साथ ही अन्य योजनाओं का कमार जाति के युवाओं को मिले। इस संबंध में उठाए गए कदम से अवगत कराने के लिए उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया है।

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