मकरध्वज प्रधान कि रिपोर्ट मैनपुर (अमली पदर)
“हमें तो अपनों ने लूटा, गैरों में कहां दम था, मेरी किश्ती थी डूबी वहां, जहां पानी कम था..” यह फिल्मी डायलॉग विद्युत विभाग मैनपुर पर पूर्ण तरीके से फिट बैठता है, एक तरफ क्षेत्र के कई गांव के लोग बिजली के लिए तरस रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विभाग द्वारा लागातार लापरवाही बरती जा रही है। मामला क्या है कहां का है आगे संक्षेप में पढ़िए..?
मैनपुर...- ब्लॉक मुख्यालय मैनपुर से लगभग 70 किलोमीटर दूर अमलीपदर क्षेत्र के ग्राम घुमरापदर के रंगपारा, जहां के ग्रामीणों को ट्रांसफार्मर होने के बावजूद बिजली के लिए तरसते देखा जा रहा है। विभाग द्वारा यहां बकायदा खंभा खड़ा करके ट्रांसफार्मर एवं घरों तक बिजली की तार फिटिंग भी कर दी गई है, लेकिन लगभग 100 मीटर बीच में तार फिट नहीं होने के कारण यहां के ग्रामीण पिछले 2 वर्षों से अंधेरे में गुजर-बसर कर रहे हैं। सिर्फ ट्रांसफार्मर शो फिस के लिए लगाया गया है, जोकि सिर्फ दिखाई तो देता है लेकिन काम नहीं कर रहा है। लेकिन विभाग को इसकी कोई खबर नही। आखिर ऐसी लापरवाही कब तक मामला गंभीर है, लेकिन विभाग द्वारा इसे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है, और ना ही ग्रामीणों को अंधेरों से मुक्त करने हेतु कोई पहल किया जा रहा है। रंग पारा के ग्रामीणों ने तार खींचने एवं बिजली लगाने की मांग किए हैं।
इस संबंध में युवा संघर्ष मोर्चा अमलीपदर ब्लॉक अध्यक्ष ओमप्रकाश यादव ने बताया कि स्थानीय ग्रामीणों को ट्रांसफार्मर होने के बावजूद अंधेरे में रहना पड़ रहा है यह निंदनीय है। विभाग द्वारा अब तक कोई पहल नहीं किया जा रहा है। यह लापरवाही और जनता के प्रति उदासीनता है। विद्युत विभाग के जिम्मेदारों को इस ओर ध्यान देकर अति शीघ्र मोहल्ले वासियों को सुचारू ढंग से बिजली नहीं पहुंचाई गई तो युवा संघर्ष मोर्चा बिजली के के लिए जन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी जिम्मेदारी स्वयं सरकार की रहेगी।


