उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने मकर संक्रांति और पोंगल की पूर्व संध्या पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। उपराष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा-
“मैं मकर संक्रांति और पोंगल के अवसर पर सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।
मकर संक्रांति 'उत्तरायण' सूर्य की उत्तर दिशा में यात्रा के शुभारंभ का पर्व है। देश भर में अलग-अलग नामों से मनाया जाने वाला यह त्योहार, खेतों में तैयार फसलों की कटाई से भी जुड़ा है तथा हमारी साझी एकता के उस सूत्र को दर्शाता है जो हमारी मिली-जुली संस्कृति को बांधता है।
उल्लासपूर्ण और भरी-पूरी प्रकृति का उत्सव मनाने वाला यह कृषि महोत्सव वास्तव में अद्भुत है, ये हमें प्रकृति के साथ हमारे नैसर्गिक आत्मीय संबंधों की याद दिलाता है। यह त्योहार प्रकृति के प्रति हमारी संस्कारगत अगाध श्रद्धा का भी द्योतक है। यह हमारे गांवों, जहां हमारी विरासत और संस्कृति पल्लवित पुष्पित हुई, उन जड़ों से फिर से जुड़ने का अवसर प्रदान करता है।
त्योहारों का यह समय आपके परिवार में खुशियां लेकर आए, हमारे राष्ट्र में एकजुटता की भावना को मजबूत बनाए और आने वाले महीनों में शुभ शुरुआत करे।”
मुख्यमंत्री ने मकर संक्रांति, पोंगल और लोहड़ी की दी शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को मकर संक्रांति, पोंगल और लोहड़ी पर्व की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी है। उन्होंने इस अवसर पर सभी लोगों के लिए सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की है।
मुख्यमंत्री ने आज
यहां जारी शुभकामना संदेश में कहा है कि सूर्य को अन्न धन का दाता और
समस्त ऊर्जा का आधार माना गया है। भारत में सूर्य के दक्षिणायन से उत्तरायण
होकर मकर रेखा की ओर जाने का स्वागत उमंग और उत्साह से किया जाता है। मकर
संक्रांति का त्यौहार ऋतु परिवर्तन का संदेश लेकर आता है। देश के विभिन्न
क्षेत्रों में इसे मकर संक्रांति, पोंगल और लोहड़ी पर्व के नाम से मनाते
है। ये त्यौहार नव सृजन,सौहार्द और असीम प्रेम के प्रतीक हैं। श्री बघेल ने
कहा है कि यह पर्व देश, प्रदेश सहित सभी लोगों के जीवन में भी सुखद
परिवर्तन लेकर आए।
राज्यपाल ने मकर संक्रांति एवं पोंगल पर्व की दी शुभकामनाएं
राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने मकर संक्रांति एवं पोंगल पर्व पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेश में राज्यपाल ने कहा है कि देश के विभिन्न प्रान्तों में अलग-अलग नामों से मनाये जाने वाले संक्रांति, पोंगल, माघ बीहू जैसे पर्व भारत की सांस्कृतिक एकता को प्रदर्शित करते हैं और हमें एकता के सूत्र में बांधे रखते हैं। राज्यपाल ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की है।

