*छत्तीसगढ़ सेवा न्यूज कोरबा से द्वारिका यादव की रिपोर्ट *
कोरबा: विरोध प्रदर्शन करने पंचायत सचिवों को भैंस तो मिली पर नहीं मिला बीन,बांसुरी बजाकर चलाना पड़ा काम
कोरबा। एक सूत्रीय मांग नियमितीकरण को लेकर पंचायत सचिव पिछले 16 दिन से कामबंद हड़ताल पर हैं। शासन से अपनी मांग मनवाने के लिए तानसेन चौक में विविधता के साथ विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।
कई दिनों से चल रही हड़ताल के बाद भी राज्य सरकार ने अब तक कोई पहल नहीं की तो सोमवार को भैंस के आगे बीन बजाकर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया था। सचिवों ने जैसे- तैसे भैंस की व्यवस्था तो कर ली ,लेकिन बीन नहीं मिलने पर बांसुरी बजाकर ही उन्हें काम चलाना पड़ा।
सचिवों के हड़ताल से पंचायतों में विकास मूलक कार्य पूरी तरह से ठप है। प्रदर्शन के संबंध में सचिव संघ के जिला अध्यक्ष धरमलाल भारद्वाज ने बताया एक नियिमतिकरण की मांग को लेकर वे 26 दिसंबर से हड़ताल में हैं। उन्होने बताया कि शासन की संवेदनहीनता के चलते उन्हें सड़क की लड़ाई लड़नी पड़ रही है। जब तक मांगे पूरी नहीं होगी तब तक हड़ताल जारी रहेगीा।
अध्यक्ष ने बताया प्रदर्शन में विविधता जारी है। इससे पहले सचिवों ने भिक्षाटन के बाद मिली राशि को कोषायलय में प्रदान करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। इसके अलावा भजन कीर्तन और यज्ञ हवन के माध्यम से भी विरोध प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन का सिलसिला जारी रहेगा। प्रदेश भर में चल रही सचिवों की हड़ताल में ब्लाक स्तर पर भी प्रदर्शन किया गया।
मुख्यमंत्री की तस्वीर को किया चस्पा
प्रदर्शन के दौरान सचिवों ने भैंस पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव की तस्वीर भी लगा रखी थी। प्रदर्शन के बारे में पहले से जानकारी होने के बावजूद उसे रोकने के लिए प्रशासन अथवा पुलिस के अधिकारी उपस्थित नहीं थे। प्रशासन के विरोध में सचिवों ने नारे लगाकर संगठन एकता को बरकरार रखने की बात कही। सचिवों का कहना था कि उनकी मांग जायज है।
क्रमिक भूख हड़ताल आज से
विरोध प्रदर्शन की अगली कड़ी में पंचायत सचिव मंगलवार से क्रमिक भूख हड़ताल पर रहेंगे। सचिव संघ के जिला अध्यक्ष धरमलाल भारद्वाज ने बताया कि यह प्रदर्शन जिला मुख्यालय के अलवा ब्लाक स्तर पर भी होगा। ग्रामीण विकास के लिए जमीन स्तर पर काम करने वाले सचिवों को उनका हक सरकार को देना ही होगा।

