ढोलामारू, पण्डवानी सहित विविध सांस्कृतिक रंगों की बिखरेगी छटा
नन्ही कलाकार आरू साहू की प्रस्तुति से होगा मेले का शुभारंभ
छत्तीसगढ़ के
तीज-त्यौहारों, मेला-मड़ई और संस्कृति की पहचान देश-दुनिया में जानी जाती
है। 27 फरवरी से राजिम में शुरू हो रहे माघी पुन्नी मेला में भाव भक्ति के
साथ प्रतिदिन शाम को मुख्य मंच पर छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध लोक कलाकारों
द्वारा राज्य के पारंपरिक कला और संस्कृति पर आधारित शानदार प्रस्तुति दी
जायेगी। मेले के शुभांरभ अवसर पर शाम 5 बजे से सुप्रसिद्ध नन्ही कलाकार आरू
साहू की प्रस्तुति होगी। इसके बाद शाम 7 बजे से उर्वशी साहू कृत मया के
संदेश की प्रस्तुति होगी। इसी तरह 11 मार्च महाशिवरात्रि तक चलने वाले
राजिम माघी पुन्नी मेला में प्रत्येक दिन दो कार्यक्रमों की प्रस्तुति
होगी।
मेले में दूसरे दिन 28 फरवरी को राज्य के लोकप्रिय कलाकार कुलेश्वर ताम्रकर
एवं ममता चन्द्राकर द्वारा चिन्हारी की मनमोहक प्रस्तुति दी
जायेगी। तीसरे दिन एक मार्च को घनश्याम महानंद और महादेव हिरवानी प्रस्तुति
देंगे। दो मार्च को राम वनगमन गीत एवं संगीत की प्रस्तुति डॉ परदेशी राम
वर्मा और संजय सुरीला द्वारा, तीन मार्च को राकेश शर्मा एवं रिखी क्षत्रीय,
चार मार्च को ढोलामारू के रजनी रजक और सुर श्रृंगार सतरंगी के नीलकमल
वैष्णव, पांच मार्च को चेतन देवांगन द्वारा पंडवानी और सुनील सोनी नाईट्स
का आयोजन होगा। छह मार्च को कलाकार जाकिर हुसैन और अल्का चन्द्राकर की
प्रस्तुति होगी। सात मार्च को राघव म्युजिकल ग्रुप और अनुराग धारा के
माध्यम से कविता वासनिक प्रस्तुति देंगे। आठ मार्च को रेखा देवार और सुनील
तिवारी के रंगझाझर, नौ मार्च को राम लखन नाच पार्टी के केवल राम और लोकरंग
के दीपक चन्द्राकर तथा दस मार्च को लोकमंच के हिम्मत सिन्हा और रंगझरोखा के
दुष्यंत हरमुख की प्रस्तुति होगी। 11 मार्च को मेले के समापन समारोह में
दिलीप षडंगी द्वारा जगराता एवं भूपेन्द्र साहू के रंग सरोवर का कार्यक्रम
होगा।

