कलेक्टर ने प्रत्येक विकासखण्ड में कोविड केयर सेंटर बनानें के दिए निर्देश
महासमुंद 26 मार्च 2020/ कलेक्टर डोमन सिंह ने आज जिला कार्यालय के सभाकक्ष में संबंधित विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर कोविड-19 के संक्रमण तथा नियंत्रण के लिए किए जा रहें कार्याें की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों की बैठक में कोरोना वायरस के रोकथाम एवं नियंत्रण और पात्र लोगों को लगाई जा रही कोरोना वैक्सीन की समीक्षा करते हुए कहा कि कोविड-19 के संक्रमण से बचनें के लिए अधिक से अधिक पात्र लोग स्वमेव आकर टीकाकरण केन्द्रों में आकर अपना वैक्सीनेशन कराएं। जिससे कोविड-19 के संक्रमण केे फैलाव को रोका जा सकें।
कलेक्टर ने जिले में कोविड-19 के संक्रमण के फैलाव को देखते हुए प्रत्येक विकासखण्ड में दो दिवस के भीतर कोविड केयर सेंटर तैयार कर वहां साफ-सफाई, बेड, पंखें सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिले के सभी निजी नर्सिंग होम पर 50 प्रतिशत् बेड कोविड-19 से संक्रमित लोगों के उपचार के लिए आरक्षित कराएं। ताकि निजी चिकित्सालय में कोविड-19 के मरीज उपचार के लिए आते है तो उसे भी वहां प्राथमिकता के साथ उपचार करें। जिले में होम आईसोलेशन पर रह रहें लोगांे की जानकारी रखने तथा काॅन्टेक्ट ट्रेसिंग के लिए भी जिला एवं विकासखण्ड स्तर पर टीम गठित कर ड्यूटी लगाने तथा अन्य राज्यों से आने वालें व्यक्तियों को होम आईसोलेशन पर रहने की सलाह देने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने कहा कि संदिग्ध मरीजों की सैम्पल जांच पाॅजिटीव पाए जाने एवं पाॅच से अधिक सक्रिय प्रकरण के कलस्टर पाए जाने पर तत्काल नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोविड-19 वायरस संक्रमण के रोकथाम के लिए हर स्तर पर व्यापक कार्य किए जाए। खासकर उन क्षेत्रांे की जहां हाल के समय में केस पाॅजिटीव आए हैं। कलेक्टर ने जारी टीकाकरण प्रक्रिया और वायरस के प्रसार पर लगाम लगाने के लिए आवश्यक कदमों पर चर्चा की। कलेक्टर ने कहा कि एक ही कलस्टर में पाॅच से अधिक सक्रिय प्रकरण के कलस्टर पाए जाने पर कोरोना वायरस के प्रसार की रोकथाम को ध्यान में रखते हुए उन स्थलों को शासन के गाईड लाईन के अनुसार कंटेनमेंट जोन घोषित करें। ऐसे स्थलों पर अतिआवश्यक सेवाओं को पहुंचाने के लिए जैसे साग-सब्जी, दूध, राशन सामग्री, मेडिकल, गैस ईंधन जैसे अन्य सुविधाओं के लिए अनुमति प्रदान करें। जिससे कंटेनमेंट जोन में रह रहें लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। कंटेनमेंट जोन में 24 घंटे ड्यूटी लगाएं और वहां कंट्रोल रूम भी स्थापित करें। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि जिले में अभी कोरोना वायरस संक्रमण की गति बढ़ सकती है। जिसका नियंत्रण हम सभी को सावधानी के साथ करना चाहिए। वहीं पात्र लोगों को जिला अस्पताल सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में लगातार कोविड-19 टीकाकरण का कार्य किया जा रहा हैं।
कलेक्टर ने आपके द्वारा आयुष्मान अभियान के फायदें के बारें में
जनप्रतिनिधियों से नागरिकांे को जागरूक करने का किया आग्रह
कलेक्टर श्री डोमन सिंह ने बैठक के दौरान ‘‘आपके द्वार आयुष्मान‘‘ अभियान की भी समीक्षा की। उन्होंने लोक सेवा केन्द्र के वीएलई को आयुष्मान कार्ड बाॅयोमेट्रिक के कार्य में गति लाने और जिन वीएलई द्वारा आयुष्मान कार्ड ई-केवायसी का कार्य नहीं किया जा रहा है। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। उन्होंने नगरीय निकायों के अध्यक्ष, पार्षदगणों, ग्रामीण क्षेत्रों के सरपंच, पंच, गणमान्य नागरिकों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया है कि वे आपके द्वारा आयुष्मान अभियान के फायदें के बारें में अधिक से अधिक नागरिकों को बताएं तथा लोगों को आयुष्मान कार्ड बाॅयोमेट्रिक कराने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने सभी एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, नगरीय निकाय के मुख्य नगर पालिका अधिकारी को इस अभियान के बारें में प्रचार-प्रसार करने तथा मुनादी कराने के निर्देश दिए। ताकि इसका फायदा अधिक से अधिक नागरिकोें एवं उसके परिवार को मिल सकें। इस दौरान सीजी स्वान के ई-जिला प्रबंधक श्री भूपेन्द्र अंबिलकर ने बताया कि जिले में 658 लोक सेवा केन्द्र पंजीकृत हैं। जिनमें से 579 ग्रामीण स्तर उद्यमी (वीएलई) के द्वारा आयुष्मान कार्ड बाॅयोमेट्रिक करने का कार्य किया जा रहा है तथा 79 ग्रामीण स्तर उद्यमी द्वारा आयुष्मान कार्ड बाॅयोमेट्रिक का कार्य नहीं कर रहें है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आयुष्मान कार्ड बाॅयोमेट्रिक करने का कार्य विगत 01 मार्च से 31 मार्च 2021 तक किया जाना था। जिसकी तिथि शासन ने बढ़ाकर 30 अप्रैल 2021 किया गया है। इस अभियान के तहत् आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, डाॅ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना अंतर्गत पात्र परिवारों का लोक सेवा केन्द्रों (च्वाइस सेंटरों) एवं ग्रामों में शिविर आयोजित कर निः शुल्क पंजीयन किया जा रहा है। अभियान के दौरान लोक सेवा केन्द्र (च्वाइस सेंटरों) एवं शिविर में पात्र हितग्राहियों का पंजीयन कर आयुष्मान कार्ड कागज में प्रिंट कर प्रदान किया जा रहा है। कुछ दिनों उपरांत लोक सेवा केन्द्र (च्वाइस सेंटरों) के केन्द्रीय कार्यालय से हितग्राहियों के प्लास्टिक कार्ड संबंधित च्वाइस सेंटरों को प्रेषित किया जाएगा। च्वाइस सेंटर को प्लास्टिक कार्ड प्राप्त होने के बाद सूचना हितग्राहियों को दी जाएगी। हितग्राही जिस च्वाइस सेंटर में अपना पंजीयन कराएं है वहीं से पुनः बायोमेट्रिक आॅथेंटीकेशन उपरांत प्लास्टिक आयुषमान कार्ड प्राप्त कर सकेगें।
उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार से संचालित आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजनांतर्गत समाजिक, आर्थिक एवं जातीय जनगणना 2011 की चयनित श्रेणियों में सूचीबध्द परिवारों को प्रति वर्ष 05 लाख रूपए तक की स्वास्थ्य सहायता प्रदान की जाती है। साथ ही राज्य शासन द्वारा संचालित डाॅ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना का संचालन राज्य के खाद्य विभाग द्वारा जारी राशनकार्ड के आधार पर किया जा रहा है। जिसमें अन्त्योदय एवं प्राथमिकता राशन कार्डधारी परिवारों को 05 लाख रूपए तक एवं ए.पी.एल. परिवारों को 50 हजार रूपए तक की स्वास्थ्य सहायता प्रदान किए जाने का प्रावधान है। आयुष्मान कार्ड पंजीयन के लिए अपना राशन कार्ड के साथ आधार कार्ड, शासकीय फोटो पहचान पत्र लेकर नजदीक के लोक सेवा केन्द्र (च्वाइस सेंटरों) एवं शिविर में जाएं और पंजीयन कराकर अपना आयुषमान कार्ड अवश्य बनाएं। इस योजना के संबंध में अधिक जानकारी एवं किसी प्रकार की सहायता के लिए टोल-फ्री नम्बर 104 पर संपर्क करें।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आयुष्मान कार्ड बाॅयोमेट्रिक करने का कार्य विगत 01 मार्च से 31 मार्च 2021 तक किया जाना था। जिसकी तिथि शासन ने बढ़ाकर 30 अप्रैल 2021 किया गया है। इस अभियान के तहत् आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, डाॅ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना अंतर्गत पात्र परिवारों का लोक सेवा केन्द्रों (च्वाइस सेंटरों) एवं ग्रामों में शिविर आयोजित कर निः शुल्क पंजीयन किया जा रहा है। अभियान के दौरान लोक सेवा केन्द्र (च्वाइस सेंटरों) एवं शिविर में पात्र हितग्राहियों का पंजीयन कर आयुष्मान कार्ड कागज में प्रिंट कर प्रदान किया जा रहा है। कुछ दिनों उपरांत लोक सेवा केन्द्र (च्वाइस सेंटरों) के केन्द्रीय कार्यालय से हितग्राहियों के प्लास्टिक कार्ड संबंधित च्वाइस सेंटरों को प्रेषित किया जाएगा। च्वाइस सेंटर को प्लास्टिक कार्ड प्राप्त होने के बाद सूचना हितग्राहियों को दी जाएगी। हितग्राही जिस च्वाइस सेंटर में अपना पंजीयन कराएं है वहीं से पुनः बायोमेट्रिक आॅथेंटीकेशन उपरांत प्लास्टिक आयुषमान कार्ड प्राप्त कर सकेगें।
उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार से संचालित आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजनांतर्गत समाजिक, आर्थिक एवं जातीय जनगणना 2011 की चयनित श्रेणियों में सूचीबध्द परिवारों को प्रति वर्ष 05 लाख रूपए तक की स्वास्थ्य सहायता प्रदान की जाती है। साथ ही राज्य शासन द्वारा संचालित डाॅ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना का संचालन राज्य के खाद्य विभाग द्वारा जारी राशनकार्ड के आधार पर किया जा रहा है। जिसमें अन्त्योदय एवं प्राथमिकता राशन कार्डधारी परिवारों को 05 लाख रूपए तक एवं ए.पी.एल. परिवारों को 50 हजार रूपए तक की स्वास्थ्य सहायता प्रदान किए जाने का प्रावधान है। आयुष्मान कार्ड पंजीयन के लिए अपना राशन कार्ड के साथ आधार कार्ड, शासकीय फोटो पहचान पत्र लेकर नजदीक के लोक सेवा केन्द्र (च्वाइस सेंटरों) एवं शिविर में जाएं और पंजीयन कराकर अपना आयुषमान कार्ड अवश्य बनाएं। इस योजना के संबंध में अधिक जानकारी एवं किसी प्रकार की सहायता के लिए टोल-फ्री नम्बर 104 पर संपर्क करें।

