गोधन न्याय योजना: ज़िले के गोपालक और किसान उठा रहे दोहरा लाभ, आर्थिक स्थित कर रहे मज़बूत

      महासमुंद-  छत्तीसगढ़ शासन की फ्लैगशिप योजना ‘‘ गोधन न्याय योजना‘‘ ने गोपालक कृषकों का तक़दीर  बदल दी । वही ज़िले के गोपालक और किसान इस इस योजना का भरपूर लाभ ले रहे है । जो गोपालक किसान अपने मवेशियों से दुग्ध उत्पादन कर आय अर्जित करते थे वे गोपालक किसान गोधन न्याय योजनांतर्गत पंजीयन करा कर गोबर विक्रय से दोहरा लाभ ले रहे  है। इससे अंकाइंड पहले से ज़्यादा  आर्थिक स्थित मज़बूत भी हो रही है। 

  महासमुंद ज़िले  विकासखण्ड बागबाहरा के ग्राम - मोहन्दी के गोपालक कृषक रामायण यादव की बात करें जिनके पास 50 मवेशी है। जिन्होने 37088 किलोग्राम गोबर विक्रय कर अब तक कुल 74176.00 की अतिरिक्त आमदनी अर्जित कर चुके है । मिली राशि का उपयोग उन्होने अपने खेत पर नलकूप खनन कर किया है जिससे अब उनकी भूमि सिंचित भूमि में परिवर्तित हो गई है। ऐसा ही ग्राम - लिटियादादर गोपालक कृषक दाउलाल यादव भी  है,जिनके पास 30 मवेशी है जिन्होने गोधन न्याय योजनांतर्गत 27133 किलोग्राम गोबर विक्रय कर 54266 रूपये की राशि अतिरिक्त आमदनी के रूप में अर्जित कर चुके है एवं 5 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट बसुलाडबरी गौठान से क्रय कर अपने रबी की कृषि में उपयोग किये है साथ ही गोधन योजना से प्राप्त आमदनी को मवेशियों के शेड निर्माण एवं पंखो की व्यवस्था में उपयोग किये है।

     गोधन न्याय योजना से विकासखण्ड बागबाहरा के इन दोनो गोपालक कृषकों को पूर्ण संतुष्टि है एवं छत्तीसगढ़ शासन की इस योजना की प्रशंसा कर रहे है एवं अपने साथी कृषको को वर्मी कम्पोस्ट खाद उपयोग कर जैविक खेती करने का सलाह दे रहे है।

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