30 बेड पर पाइप लाइन के जरिए पहुंचेगा ऑक्सीजन
महासमुंद 13 मई //- कोरोना काल में महासमुंद ज़िले के लिए अच्छी खबर है । ज़िले के पिथौरा विकासखंड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ( सीएचसी ) में ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट स्थापित किए जाने को शासन से मंजूरी मिली है। ऑक्सीजन प्लांट मशीनें, जल्द होगी इंस्टाल 30 बेड पर पाइप लाइन के जरिए पहुंचेगा ऑक्सीजन । पाइप युक्त बिस्तर का निर्माण छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज़ करपोरेशन ( सीजीएमएससी) द्वारा किया जाएगा ।
इस ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट से रोज़ 125 जम्बो सिलेंडर की ऑक्सीजन क्षमता के बराबर मेडिकल ऑक्सीजन का उत्पादन होगा । यानी कि प्रतिदिन लगभग 6000 लीटर ऑक्सीजन बनाने का स्वास्थ्य विभाग का अपना प्लांट होगा । प्लांट पीएसए प्रेशर स्विंग ऐड्सॉप्र्शन (पीएसए) सिस्टम पर आधारित होंगा।
कलेक्टर डोमन सिंह ने सभी तैयारियाँ जल्द से जल्द पूरा करने स्वास्थ्य अधिकारियों को कहा है ।ताकि साँस की तकलीफ़ से पीड़ित मरीज़ों को समय पर मेडिकल ऑक्सीजन की जरूरत पूरी हो सके। मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एन.के.मंडपे ने बताया कि जल्द ही ऑक्सीजन प्लांट लगाने का काम शुरू हो जाएगा। प्लांट से वार्ड तक पाइप लगाकर सप्लाई होगी और इससे सिलेंडर से ऑक्सीजन देने का काम बंद हो जाएगा।पाइप लाइन के जरिए प्लांट से 30 बेडों पर मरीजों को 24 घंटे तक ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा सकेगी। चालू माह के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है । स्वास्थ्य विभाग का ज़िले में अपना पहला आक्सीजन प्लांट होगा।
पिथौरा स्वास्थ्य केंद्र में ऑक्सीजन प्लांट लगाने और पूरा सेटअप तैयार करने के नई भवन केंद्र आदि का चिन्हित किया गया है। प्लांट से अस्पताल के बनने वाले 30 बेड में ऑक्सीजन सप्लाई होगी और सभी बेड पर ऑक्सीजन पाइप लगाई जाएंगी।
मालूम हो कि पीएसए प्लांट में हवा से ही ऑक्सीजन बनाने की अनूठी टेक्नोलाॅजी होती है. इसमें एक चैम्बर में कुछ एडजाॅर्बेंट डालकर उसमें हवा को गुजारा जाता है, जिसके बाद हवा का नाइट्रोजन एडजाॅर्बेंट से चिपककर अलग हो जाता है और ऑक्सीजन बाहर निकल जाती है. इस कॉन्सेंट्रेट ऑक्सीजन की ही अस्पताल को आपूर्ति की जाती है ।

