कलेक्टर डोमन सिंह ने कहा कि जिले के प्रगतिरत् गौठानों को जल्दी पूरा करें ताकि वहां के पशुपालकों को योजना का लाभ मिलें। उन्होंने कहा कि ये योजना राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजना है। शासन की मंशा है कि पशुपालकों को इस योजना का लाभ मिलें। उन्होंने कहा कि जिले में इस योजना का अच्छा काम चल रहा है। उन्होंने अधिकारियों-कर्मचारियों से और मेहनत की उम्मीद की है। कलेक्टर ने गोबर खरीदी के हितग्राहियों के भुगतान की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों द्वारा खरीदें गए वर्मी कम्पोस्ट खाद राशि का भुगतान जल्द करने के निर्देश दिए और मांग अनुसार वर्मी कम्पोस्ट खाद का उठाव भी करने कहा।
वनमण्डलाधिकारी पंकज राजपूत ने कहा कि वर्षा ऋतु में पौधा रोपण का कार्य किया जाना है। जिसके लिए निजी, पब्लिक, प्राईवेट सेक्टर के साथ ही सरकारी विभाग अपने-अपने जगह के हिसाब से निर्धारित प्रपत्र में स्थल की जानकारी भेजें। उन्होंने कहा कि जरूरत और मांग के अनुसार पर्याप्त ऊॅचाई एवं अच्छी गुणवत्ता के छायादार बड़े पेड़ उपलब्ध कराए जायेंगे। उन्होंने बताया कि वृक्षारोपण वन एवं कृषि विभाग के अधिकारियों के तकनीकी मार्गदर्शन में कराया जाएगा। पौधों के देखभाल एवं रख-रखाव की जिम्मेदारी संबंधित विभाग एवं संस्थाओं की होगी।
उप संचालक कृषि एस.आर. डोंगरे ने बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि गौठानों में 7,996 सक्रिय पशुपालकों से अब तक 1,87,179 क्विंटल गोबर की खरीदी की गई है। जिसमें से 15,272.42 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट खाद अब तक बनाया गया है। जिसमें से 10,641.52 क्विंटल खाद का विक्रय हुआ है। वर्मी कम्पोस्ट 4,405.95 क्विंटल शेष है। बैठक में बताया कि निजी संस्था, प्रगतिशील कृषकों और सरकारी विभागों द्वारा 18 मई तक 1,81,785 क्विंटल की मांग की गई। जिसमें से 10,641 क्विंटल की मांग संबंधित विभागों एवं निजी संस्थाओं द्वारा किया गया है।

