महासमुंद : अन्य पिछड़ा वर्ग एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लागों की गणना शुरू



महासमुंद : पूरे छत्तीसगढ़ सहित महामसुन्द जिले में अन्य पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों की गिनती (गणना) बुधवार 01 सितम्बर से शुरू हो गई है। छत्तीसगढ़ क्वांटीफायबल डाटा आयोग के मोबाईल एप में संबंधित व्यक्ति स्वयं अपने से संबंधित जानकारी का पंजीयन कर सकता है। यहसीजीक्यूडीसी  ¼CGQDC)  एप छत्तीसगढ़ इंफोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) द्वारा तैयार किया गया है। मोबाईल एप को प्लेस्टोर में जाकर डाउनलोड कर तय प्रारूप में चाही गई जानकारी अपलोड किया जा सकता है। पंजीयन हेतु लॉगईन करने हेतु कुछ विकल्प दिए गए है। जिसमें आधार कार्ड, राशन कार्ड और मुखिया का मोबाईल नम्बर का इस्तेमाल किया जा सकता है। 

ऑनलाईन पंजीयन एवं डाटा संग्रहण सत्यापन का कार्य 01 सितम्बर से 12 अक्टूबर तक किया जाएगा। कलेक्टर डोमन सिंह ने आज यहां कलेेक्ट्रेट के सभाकक्ष में अन्य पिछड़ा वर्ग एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के सर्वेक्षण एवं डाटा संग्रहण की कि गई तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी वर्गों के लिए हर तरह के अवसरों की समानता निर्मित करना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। बुधवार 01 सितम्बर को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य की जनसंख्या में अन्य पिछड़ा वर्ग तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की गणना हेतु मोबाईल एपसीजीक्यूडीसी  ¼CGQDC) और वेब पोर्टल www.cgqdc.in लांच किया।

इस एप में अपने से संबंधित जानकारी दर्ज कर एप के माध्यम से गणना हेतु सर्वे कार्य का प्रदेशव्यापी शुभारंभ किया गया है। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आकाश छिकारा, संयुक्त कलेक्टर सुनील कुमार चंद्रवंशी सहित संबंधित विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। जिला योजना एवं सांख्यिकी अधिकारी ने बताया कि अन्य पिछड़ा वर्ग एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गो के सर्वेक्षण का कार्य 01 सितम्बर 2021 से प्रारम्भ किया गया है। ऑनलाईन पंजीकरण एवं डाटा संग्रहण सत्यापन का कार्य 01 सितम्बर 2021 से 12 अक्टूबर 2021 तक किया जाएगा। 

डाटा संग्रहण पश्चात् ग्राम पंचायत वार एवं वार्ड चार सूची का प्रारंभिक प्रकाशन सूची सभी ग्राम पंचायत कार्यालय, जनपद कार्यालय, तहसील कार्यालय एवं जोन कार्यालय में प्रकाशित 30 अक्टूबर 2021 तक किया जाएगा। प्रारंभिक प्रकाशन पर दावा एवं आपत्ति 16 नवम्बर 2021 तक प्राप्त कर निराकरण 30 नवम्बर 2021 तक किया जायेगा। ग्राम पंचायत क्षेत्र में ग्राम सभा द्वारा एवं नगरीय निकाय क्षेत्र में पी. आई. सी. एवं एम.आई.सी. द्वारा 20 दिसम्बर 2021 तक अनुमोदन किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्र में जनपद स्तर पर एवं नगरीय क्षेत्र में निकाय स्तर पर डाटा संकलन का कार्य 31 दिसम्बर 2021 तक किया जाना। जनपद एवं निकाय स्तर से जिला स्तर पर डाटा सम्प्रेषण 14 जनवरी 2022 तक किया जायेगा।

सर्वे के लिए 183 पर्यवेक्षकों की नियुिक्त की गई है। जिनमें से शहरी क्षेत्रों में 27 तथा ग्राम पंचायत क्षेत्रों में 156 पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है। संबंधित व्यक्तियों द्वारा भरी गयी जानकारियां ग्राम पंचायत, नगर पंचायत अथवा नगरीय निकाय के वार्ड के लिए नियुक्त सुपरवाईजर के पास स्वयं ही फारवर्ड हो जाएगी। आवेदक के क्षेत्र में अधिकृत सुपरवाईजर को जैसे ही आवेदक की जानकारी मिलेगी, वह उसका सत्यापन करेगा। इसके बाद डाटा सर्वर में सुरक्षित हो जाएगा। यही डाटा राज्य के अन्य पिछड़ा वर्ग एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की गणना में सहायक होगा।

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