महामसुंद विधान सभा के
अंतर्गत आने वाले
गांव जोबा, गडसिवानी,
मोहकम, गुरुडीह, पिरदा भुरका,
महामसुंद।
में शुक्रवार को
विजयादशमी का पर्व
हर्षोल्लास के साथ
मनाया गया। गांव
में विभिन्न जगहों
पर अहंकार व
बुराई के प्रतीक
रावण, मेघनाद और
कुंभकरण के पुतलों
का दहन किया
गया। इन सभी
जगह मुख्य आतिथ्य
के रूप शामिल
हुए किशान नेता
अशवत साहू जी। लीला मंडली
के सदस्य के
साथ में मिलकर
रावण के पुतले
का दहन किया।
इस दौरान तुषार
साहू ने युवा
पीढ़ी को प्रभु
श्रीराम के आदर्शों
पर चलने का
संदेश दिया।
तुषार
साहू ने सभी
को विजयादशमी की
बधाई देते हुए
कहा कि हमें
अच्छाई का रास्ता
कभी नहीं छोड़ना
चाहिए। अच्छाई की राह
में कितनी भी
मुश्किलों का सामना
क्यों न करना
पड़े, आखिर में
सफलता मिलती ही
है। ऊंच-नीच
की भावना को
समाज के लिए
हानिकारक बताते हुए तुषार
साहू ने कहा
कि राम ने
सबरी के जूठे
बेर खाकर ऊंच-नीच की
भावना मिटाने का
प्रयास किया।
हमें इससे सीख
लेनी चाहिए...
रावण
के पुतले का
दहन किया गया।
रावण के पुतले
में आग लगते
ही परिसर प्रभु
श्री राम के
जयकारों से गूंज
उठा कृष्णा पटेल, सुरेश पटेल, दीपक
साहू,राजू साहू,
मेवालाल ध्रुव, पूनम साहू,
टिकेनसाहु, समेत अत्यधिक
संख्या में ग्रामीण
लोग मौजूद रहे।