रायपुर : राज्योत्सव में छत्तीसगढ़ी लोक गीतों और लोक नृत्यों की धूम
रायपुर. 1 नवम्बर 2021
कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से मंच पर छत्तीसगढ़ के हरेली त्यौहार से लेकर होली तक के लोक जीवन और लोक संस्कृति को जीवंत किया। अरपा पैरी के धार, पता ले जा रे गाड़ीवाला रे, चौरा म गोंदा मोर रसिया, मोर संग चलव रे, महुवा झरे महुवा झरे, मंगनी म मांगे मया नइ मिलय रे मंगनी म, बखरी के तुमा नार बरोबर, छनन छनन बाजे वो पांव के पैजनियां दाई तोर, जोहर जोहर मोर गौरा गौरी जैसे पारंपरिक गीतों और नृत्यों से लोगों को मंत्रमुग्ध किया।
