प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा रखी जा रही है कड़ी नजर
छत्तीसगढ़ विधानसभा आम निर्वाचन-2023 की तिथि की घोषणा के साथ ही प्रदेश
में आदर्श आचार संहिता 9 अक्टूबर से लागू हो गई है। प्रदेश में विभिन्न
इन्फोर्समेंट एजेंसियों द्वारा निष्पक्ष और पारदर्शी निवार्चन हेतु मतदाता
को प्रभावित करने के उद्देश्य से परिवहन की जा रही अवैध धन राशि या वस्तुओं
पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। 19 विभिन्न प्रवर्तन एजेंसियों के माध्यम
से धन और वस्तुओं के अवैध परिवहन तथा संग्रहण पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
आदर्श आचार संहिता लागू होने से अब तक अवैध धनराशि तथा वस्तुओं की बरामदगी
का आँकड़ा 6 करोड़ 57 लाख 3 हजार 62 रूपए हो गया है। इसमें एक करोड़ 46 लाख
रूपए नकद राशि बरामद की गई है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार
प्रवर्तन एजेंसियों (इन्फोर्समेंट एजेंसी) द्वारा निगरानी के दौरान अब तक
13 हजार 574 लीटर अवैध शराब जब्त की गई है, जिसकी कीमत 41 लाख 68 हजार रूपए
है। साथ ही 1945 किलोग्राम अन्य नशीली वस्तुएं, जिसकी कीमत लगभग 70 लाख
रुपए है भी बरामद किया गया है। सघन जाँच अभियान के तहत अधिकारियों ने अवैध
रूप से अन्य सामग्रियों जिनकी कीमत 2 करोड़ 17 लाख रूपए जब्त की हैं। इसके
अतिरिक्त एक करोड़ 82 लाख रूपए कीमत के लगभग 83 किलोग्राम कीमती आभूषण तथा
रत्न भी तलाशी के दौरान जब्त किया गया है।
गौरतलब है कि 5 प्रमुख जिले जहां सबसे अधिक जब्ती की गई है, जिसमें
क्रमशः बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, बस्तर तथा रायपुर शामिल है। विधानसभा
निर्वाचन-2023 हेतु जब्तियों के संबंध में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा
प्रवर्तन एजेंसियों के लिए इलेक्शन सीजर मैनेजमेंट सिस्टम (ईएसएमएस) के रूप
में वेब एवं मोबाइल एप लांच किया है। इस एप्प में लगभग 1600 से भी ज्यादा
FST / SST को रजिस्टर कर एप्प डाउनलोड करवाया गया है एवं इस एप्प के माध्यम
से तत्काल जब्तियों की रिपोर्टिंग भी की जा रही है ।