आनलाईन पढ़ाई के लिए पंचायत प्रतिनिधि एवं ग्राम प्रमुखों का विषेश अभियान

रिपोर्ट : तेजराम निर्मलकर मड़ेली
छुरा-मड़ेली/ गरियाबंद जिला मुख्यालय के छुरा विकास खण्ड अन्तर्गत ग्राम पंचायत मड़ेली के जनप्रतिनिधि एवं ग्राम प्रमुखों ने की ग्राम पंचायत भवन मड़ेली में बच्चों के आनलाईन पढ़ाई के संबंध में बैठक।  गुरुजन जनप्रतिनिधि एवं ग्राम प्रमुख  बैठक में शामिल। ध्यान आकर्षित करते हुए‌ उपसरपंच भीखम सिंह ठाकुर ने कहा कि कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए छत्तीसगढ़ में ‘पढ़ई तुंहर दुआर पोर्टल’ से ऑनलाइन पढ़ाई शुरू की गई है।  इसे देखते हुए अब शिक्षा विभाग ने पंचायतों एवं शिक्षकों को मोबाइल के माध्यम से आनलाईन से पढ़ाई  शुरू की है। आनलाईन पढ़ाई के लिए मैं पालकों  से आग्रह करता हूं कि छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण को देखते हुए अब मोबाइल  एवं लैपटॉप पर वीडियो कालिंक के माध्यम से एवं स्कुल से मिले पुस्तकों को घरों में पढ़ाई कराई जाए। 

इसके लिए हम समस्त पालक एवं ग्रामवासी बच्चों को आनलाइन पढ़ाई के लिए प्रेरित करें।और घर घर जाकर बच्चों को आनलाइन पढ़ाई के लिए जागरु करें।एच आर साहू प्रधान पाठक (मिडिल स्कूल मड़ेली) ने कहा कि स्कूल शिक्षा मंत्री ने सभी जिलों की प्रत्येक स्कूल में इस योजना को  प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं। गरियाबंद जिले में इस योजना के क्रियान्वयन से जुड़े अधिकारि आनलाइन पढ़ाई पर ल नज़र रखें हुए है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि गरियाबंद जिले के छुरा विकास खण्ड के 70 से ‌अधिक पंचायतों में आनलाईन पढ़ाई प्रारंभ हो चुकी है। छत्तीसगढ़ में कोविड-19 के दौरान बच्चों की पढ़ाई जारी रखने यह मॉडल तैयार किया गया है। यह ऑनलाइन पढ़ाई की वैकल्पिक व्यवस्था है।

लक्ष्मी ठाकुर ने कहा कि कोविड की वजह से हुए लॉकडाउन में छ्त्तीसगढ़ में स्कूल शिक्षा विभाग ने बहुत तेजी काम शुरू किया है। आनलाइन अध्ययन सुविधा के साथ-साथ ऑफलाइन के लिए भी विभिन्न मॉडल सोचकर उनका क्रियान्वयन शिक्षकों ने किया है। विभाग ऐसे सभी शिक्षकों का आभार मानता है, जिन्होंने कोविड के दौरान अपने-अपने घर से नियमित ऑनलाइन कक्षाएं ली हैं। के.एस.यदु(प्रधान पाठक प्रा.शा.मड़ेली) ने कहा कि शिक्षकों ने विभिन्न ऑफलाइन मॉडल को भी सफलतापूर्वक लांच किया। इनमें से एक मांडल आनलाईन पढ़ाई का संचालन जिसका प्रारंभ गरियाबंद जिले में किया गया है,का अध्ययन स्कूल शिक्षा मंत्री द्वारा किया गया। उन्होंने गरियाबंद जिले में इस योजना के क्रियान्वयन से जुड़े अधिकारियों से विस्तार से चर्चा की और इस माडल को वर्तमान कोरोना लाकडाउन के लिए काफी उपयुक्त पाया।

पूर्व जनपद अध्यक्ष मीरा ठाकुर ने कहा कि कोरोना के प्रकोप से देश सहित जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालय सहित शिक्षण संस्थाएं बंद है।लाकडाउन के कारण विद्यार्थियों के शिक्षा पर ग्रहण लग गया। ऐसे में विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो इसके लिए विद्यालयों ने आनलाइन पढ़ाई आरंभ की है। ईश्वर निर्मलकर ने कहा कि शिक्षक जहां विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए आनलाइन माध्यम हो रहा है। वहीं विद्यार्थी ग्रुप से जुड़कर मोबाइल, लैपटॉप पर वीडियो कांलिंक के माध्यम से पढ़ाई कर रहे हैं। विद्यालय प्रबंधन इस  तरह की कवायद प्रारंभ करके विद्यार्थियों को घर बैठे शिक्षा दे रही है।किशन नन्दे ने शासन के दिशा निर्देशन के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि आनलाइन विद्यालय ने बच्चों को सभी पाठ्यक्रम उपलब्ध करा रहें हैं। वहीं इसके साथ विद्यार्थियों को कक्षावार वर्ग में बांट दिया गया है। प्रत्येक विषय के शिक्षक समयनुसार बच्चों को विषयवार पढ़ाई करवा रहे हैं।इस दौरान रामचरण ठाकुर(पंच), तपेश्वर साहू (पंच),उमेश नंदे (पंच), ईश्वर ठाकुर (पंच), यशवंत ध्रुव(पंच), रुखमणी ठाकुर(पंच), गौरीबाई ठाकुर (पंच), उर्वशी सिन्हा (पंच) रुखमणी ध्रुव, (पंच), सीमा निषाद,(पंच) यशोदा बाई(पंच), मनीषा बाई (पंच),दशोदा बाई (पंच),गायत्री साहू, ऊषा ध्रुव, चित्ररेखा निषाद, चमन सर,अरुण सर, टायल पटेल सर,भीखम सिंह ठाकुर,भोगीराम नेताम, भूषण ठाकुर,मदन साहू,वेशनारायण ठाकुर, माधव निर्मलकर,मनहरण सिन्हा,बिसहत निर्मलकर, गोवर्धन ठाकुर,जनक टाण्डे आदि उपस्थित रहे।

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