संक्रमण के दौर में सूखा राशन वितरण ही विकल्प
छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ की मांग
महासमुन्द, छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि वैश्विक महामारी कोरोना कोविड- 19 का संकट काफी गहराने लगा है | संक्रमितों व मौतों का आंकडा लगातार बढ़ रहा है जिसके चलते सरकार द्वारा 30 सितम्बर तक सभी स्कूल कालेज आदि बन्द रखने के निर्देश दिए गए हैं | इस गंभीर विपत्तिकाल में रेडी टू ईट एवं गरम भोजन वितरण के नाम पर 07 सितम्बर से आंगनबाड़ी केन्द्रों को खोलने का आदेश देना अव्यावहारिक है | राज्य के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 03 से 06 वर्ष के बच्चों के लिए आंगनबाड़ी केन्द्रों को खोलने का आदेश देकर संक्रमण को न्यौता दिया जा रहा है जो दूरगामी परिणाम को नकारने का प्रत्यक्ष उदाहरण है |
संघ के संरक्षक प्रमोद तिवारी, अध्यक्ष ओम नारायण शर्मा तथा सचिव सुरेश पटेल ने संयुक्त विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि कोविड – 19 की गाईडलाईन के अनुसार छोटे बच्चों में संक्रमण का ख़तरा सबसे ज्यादा है अतः सुरक्षा हेतु छोटे बच्चों का विशेष ख्याल रखते हुए उन्हें घर में ही रखने का निर्देश है | छोटे बच्चों की चंचलता के चलते आंगनबाड़ी केन्द्रों में भेजे जाने पर उन्हें एक दूसरे के संपर्क से दूर रखना मुश्किल कार्य है जिससे सोशल डिस्टेंस का अतिक्रमण स्वाभाविक है साथ ही मास्क व सेनेटाईजर का समुचित उपयोग भी संभव नहीं है |
छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने वर्तमान में स्थिति की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए मांग की है कि आंगनबाड़ी केन्द्रों को नियमित रूप से खोलने का आदेश वर्तमान में स्थगित रखते हुए पूर्व की तरह सूखा राशन वितरण किया जावे |

