जिले में धान खरीदी का काम पूरा, 75 लाख 893 क्विंटल धान की खरीदी अच्छी बारिश के कारण धान की अच्छी उपज हुई


एक लाख 36 हजार से ज्यादा किसानों ने बेचा धान

किसान पंजीयन के पश्चात् रकबा संशोधन में लगभग 800 हेक्टेयर धान रकबे में हुई वृद्धि

महासमुंद / खरीफ सीजन 2020-21 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का काम शुक्रवार को पूरा कर लिया गया। चालू वर्ष में 7500893.2 क्विंटल धान की खरीदी की गई। पिछलें वर्ष के मुकाबलें 6 प्रतिशत् की वृद्धि हुई। जिले में 136387 किसानों ने धान बेचा। वहीं खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में 128719 कृषकों ने धान बेचा था। गत वर्ष के मुकाबलें चालू वर्ष में 5.96 प्रतिशत् अधिक किसानों ने धान बेचा। चालू सीजन में गत वर्ष की तुलना में धान खरीदी में 3.13 प्रतिशत् की वृद्धि हुई। गत वर्ष 7272995 क्विंटल धान की खरीदी हुई थी। खाद्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार गत वर्ष की पंजीकृत कृषकों में 5.24 प्रतिशत् वृद्धि हुई। किसानों के पंजीयन के पश्चात् राज्य शासन द्वारा रकबा संशोधन पर जिले के 1164 किसानों का पूर्व में दर्ज धान का रकबा जहां लगभग 1389 हेक्टेयर को 2187 हेक्टेयर में संशोधन किया गया। इस कारण लगभग 798 हेक्टेयर का संशोधन कर धान की रकबें में वृद्धि हुई।

खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में कुल पंजीकृत किसान 134029 थे। वहीं 2020-21 में 141053 किसानों का पंजीयन हुआ। जिले में मानसून के रहते अच्छी बारिश होने से धान की अच्छी उपज हुई है। धान की खरीदी के अंतिम दिन धान लेकर आने वाले किसानों से धान खरीदी की व्यवस्था प्रशासनिक निगरानी में की गई थी ताकि कोचिया, बिचौलियों की धान किसी भी स्थिति में न खप सकें। प्रशासनिक टीम द्वारा बिचौलियांे, कोचियों का धान जप्त किया गया था। ओड़िशा सरहद से लगें महासमुन्द जिले मंे पहले ही दिन से सीमावर्ती समितियों में निगरानी की गई थी। जिले में 17 चेक पोस्ट बनाए गए थे। गत वर्ष 49759.05 लाख रूपए बोनस राशि का वितरण किया गया। चालू वर्ष में 136387 किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य धान खरीदी पर 140133.65 लाख रूपए का भुगतान किया गया। खाद्य अधिकारियों ने बताया कि गत वर्ष पंजीकृत किसानों का कुल रकबा 216285 हेक्टेयर था। चालू खरीफ विपणन वर्ष में यह रकबा 214115 हेक्टेयर था। रकबें में -1.0 की कमी आई।
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