कबीर ने दिया नारियों को समानता अभिव्यक्ति की आजादी
संवाददाता नेहरू साहू की रिपोर्ट
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राजिम। राजिम पुन्नी मेला में अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सदगुरु कबीर विश्व शांति मिशन संस्थान, छत्तीसगढ़ कबीर पंथ संत संगठन के द्वारा विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सद्गुरु कबीर साहेब के प्रतीक तस्वीर के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित करके गुरुवंदना से किया गया। इस अवसर पर संत श्री रविकर साहब धमतरी ने कहा कबीर ने नारी और पुरुष दोनों को समानता का अधिकार दिया है। उनका मूल संदेश है आधे बसे पुरुष आधे बसे जोय। पहले नारियों को वेद पढ़ने का अधिकार नहीं दिया जाता था। वेद के रचयिता नारी रही, लेकिन वेद पढ़ने का अधिकार नारियों को ना मिलना कबीर को नहीं भाया और उन्होंने इंकलाब कर कहा कि नारी और पुरुष समान है नारी आज सभी क्षेत्रों में सर्वोच्च कार्य कर रही है। नारी से ही संस्कार पाकर देवत्व का उदय होता है इसलिए हमें नारी का सम्मान करना चाहिए। कबीर ने विभिन्न भेद भाव को समाप्त कर एकता का संदेश दिया। आज नारी हर क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, इसलिए नारी को गुलाम बनाकर नहीं अपितु नारी को देवी के रूप में मानकर समाज निर्माता मानकर उनका सम्मान करें। संत घनश्याम साहेब मंदरौद ने कहा कि नारी माता, पत्नी, बहन के रूप में बस हम देखते हैं लेकिन आज नारी समाज की निर्माता हैं। नारी जननी है जो संत देवता और समाज का नेतृत्व करने वाले संस्कारवान समाज का निर्माण करती है। साध्वी मनिप्रभा डाभा ने कहा कि नारी सशक्तिकरण आज समाज के खुला विचार का परिणाम है। आज नारी हर क्षेत्र में अग्रणी है। साध्वी राधा करेली ने कहा नारी तू है सबसे महान, नारी जाग जाएं, तो परिवार समाज और राष्ट्र में शांति स्थापित रहती है। संत श्री क्षेमेंद्र साहब सेमरा ने कहा नारी दुर्गा काली देवी के प्रतीक के रूप में शक्ति के रूप में लोग मानते हैं, उनसे हमें प्रेरक सीख लेनी चाहिए। कार्यक्रम में संत जितेंद्र साहब राजनांदगांव, संत बलवान साहब ढेटा कुरूद, संत हेमेंद्र, साहब नवापारा और साध्वी लता करेली ने भी संबोधन किया। इस अवसर पर मंच पर संत शोधकर साहब, संत रतन साहब, कुमारसाहेब, साध्वी श्याम साहब, कौशल्या साहेब सेवती साहेब के साथ अन्य संत उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने सत्संग का लाभ लिया।
महिला सशक्तिकरण दिवस पर महिला पुलिस ने संभाला मेले की कमान
राजिम। महिला सशक्तिकरण दिवस पर सोमवार को माघी पुन्नी मेला में महिला पुलिस बल ने पूरे मेले की कमान संभालकर एक नया उदाहरण प्रस्तुत किया। सभी बेरियर एवं सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से तैनात पुरूष बल के स्थान पर महिला पुलिस मुस्तैदी से खड़े होकर ड्यूटी निभाई। इस दौरान उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा की महिलाएॅ आज हर क्षेत्र में पुरूषों के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है। सोच सकारात्मक हो तो काम करने मे सरलता होती है। कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार गरियाबंद जिले से 200 महिला पुलिस बल मेले की व्यवस्था संभाले हुए है। जिनमें प्रमुख रूप से राजीवलोचन मंदिर, कुलेश्वर महादेव मंदिर, मामा भांचा मंदिर, कंट्रोल रूम, मुख्य महोत्सव मंच, महानदी महाआरती स्थल, मीना बाजार, श्यामाचरण शुक्ल चैक, राजिम मार्ग, चैबेबांधा तिराहा, रायपुर रोड़, नदी मार्ग आदि है। बता दें कि पूरा मेला क्षेत्र सीसी टीवी कैमरा के कैद में है। इस तीसरी आॅख पर महिला पुलिस जिनमें एएसआई नीलकुसुम, कास्टेबल अंजली, सुनीति, मनीषा, हेमा मानीटीरिंग कर रही है। कंट्रोल रूम मे तैनान महिला आरक्षक प्रवीणा कुजुर, त्रिलोचना राजवाड़े, उपनिरिक्षक संतारा चैहान, सहा. उपनिरिक्षक निर्मला कश्यप खोया पाया विभाग सहित पूछताछ विभाग के देख रही है। डीएसपी रूपा, टीआई सत्यकला, एसआई राधा खोया पाया ज्योति तिवारी सहित रीना दुबे, सोनजीरा खलखो, राखी यादव ने बताया कि आज हम खुद को महिला होने पर गौरान्वित महसूस कर रहे है। महत्वपूर्ण पदो पर जिम्मेदारी देकर हमें एहसास दिलाया गया की हम भी किसी से कम नहीं है। महिला दिवस की सार्थकता पूर्ण होती नजर आ रही है। उन्होंने यह भी कहा की हर व्यक्ति को महिलाओं का सम्मान करना चाहिए अधिकतर देखा गया की पुरूषों की सफलता पर महिलाओं का विशेष योगदान होता है।
अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सदगुरु कबीर विश्व शांति मिशन संस्थान, छत्तीसगढ़ कबीर पंथ संत संगठन ने किया विचार गोष्ठी का आयोजन
मार्च 09, 2021
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