अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस: कलेक्टर की पहल: कमार जाति की महिलाओं की अच्छी सेहत के लिए मिलेगा उबला अण्डा

 



        व्यय का भुगतान जिला खनिज न्यास निधि 

कलेक्टर  सिंह ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर महिलाओं को शुभकामनाएं दी

महासमुंद 8 मार्च 2021/-अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके कलेक्टर  डोमन सिंह ने पिछड़ी जनजाति कमार जाति के एक वर्ष से 49  उम्र की बालिकाओं -महिलाओं की अच्छी सेहत की फ़िक्र कर मुख्यमंत्री सुपोषण योजना के तहत उनके आहार में अण्डा देने की अभिनव पहल की है । इस अनूठी पहल में इस जाति के 3 वर्ष से लेकर 6 वर्ष के बच्चों को भी अण्डा मिलेगा । आंगनबाड़ी कार्यकर्ताए सप्ताह में तीन दिन  चिह्नांकित परिवारों की 1500 से ज़्यादा बालिकाओं और महिलाओं  के साथ 100 से ज़्यादा बच्चों उनके घर अण्डा पहुँचाएँगी । ताकि कुपोषित बच्चों और एनिमिक पीड़ित महिलाओं की सेहत में जल्दी सुधार हो सके ।  कलेक्टर श्री सिंह ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर महिलाओं को शुभकामनाएं दी हैं । इस पर व्यय राशि की व्यवस्था ज़िला खनिज निधि से की गई है । 

   कलेक्टर ने इसकी पूरी कार्य योजना महिला बाल विकास अधिकारी को समझाई । अधिकारी ने त्वरित कार्रवाई कर इसे अमलीजमा पहनाया और महासमुंद ज़िले में विशेष पिछड़ी जनजाति कमार के चिन्हित बालक, बालिका और महिलाओं को सप्ताह में तीन दिन उबला अण्डा घर पहुँचना आज से शुरू हो गया है । संसदीय सचिव एवं विधायक खल्लारी श्री द्वारकाधीश यादव ने बागबाहरा ब्लॉक के ग्राम खुटेरी से उबला अण्डा देने का शुभारम्भ किया ।

   कलेक्टर डोमन सिंह ने  राज्य सरकार की अन्य योजनाओं के साथ ही  महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री  सुपोषण योजना को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए  इससे पहले महासमुन्द जिले के आॅगनबाड़ी केन्द्रों में बीते फ़रवरी की पहली तारीख़  से चिह्नांकित 8500 से ज़्यादा कुपोषित बच्चों और 15 से 49 वर्ष के चिन्हांकित 10700 से ज़्यादा एनीमिक पीढित बालिका एवं महिलाओं को सप्ताह में तीन दिन गुणवत्तापूर्ण गरम पौष्टिक भोजन देने की शुरूआत की गई है। इसके लिए भी राशि जिला खनिज न्यास निधि से उपलब्ध कराई गई है। कलेक्टर ने इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए कमार जाती के बच्चों,बालिकाओं और महिलाओं को उनके स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए आहार में सप्ताह में तीन दिन अण्डा घर पहुँचाने की पहल की है ।

      बतादें कि इस जनजाति को भारत सरकार द्वारा विशेष पिछड़ी जनजाति का दर्जा दिया गया है। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत् महासमुन्द जिले के आॅगनबाड़ी केन्द्रों में 01 फरवरी से कुपोषित बच्चें और 15 से 49 वर्ष के चिन्हांकित एनीमिक महिलाओं को सप्ताह में तीन दिन गुणवत्तापूर्ण गरम पौष्टिक भोजन देने की शुरूआत की गई है। इसके लिए भी राशि जिला खनिज न्यास निधि से उपलब्ध कराई गई है। जिले के तीन विकासखण्ड इनमें महासमुन्द के 42 गांव, बागबाहरा के 32 गांव एवं पिथौरा के 02 गांव में कमार जाति के परिवार निवासरत् है।

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