गरियाबंद / जिला
बाल संरक्षण अधिकारी अनिल द्विवेदी के निगरानी में जिला बाल संरक्षण
इकाई गरियाबंद से अजीत शुक्ला (आउटरीच वर्कर), यशवंत ध्रुव
(आउटरीच वर्कर) एवं थाना-गरियाबंद पुलिस) की संयुक्त टीम द्वारा विवाह स्थल
पर पहुंचकर जायजा लिया गया। दूरभाष से सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम-खरहरी
में 04 अप्रैल 2021 को बालिका का विवाह होना तय हो गया था प्राप्त सूचना
अनुसार नाबालिग बालिका का विवाह 04 अप्रैल 2021 को होना था। तत्काल संयुक्त
टीम द्वारा दिनांक 02 अप्रैल बाल विवाह स्थल पर पहुंच कर बालिका की आयु
सभी दस्तावेज का सत्यापन किया गया। आयु संबंधी दस्तावेज के आधार पर बालिका
की आयु 17 वर्ष 11 माह 24 दिन होना पाया गया।
विवाह के लिये बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अनुसार बालिका की आयु 18 वर्ष एवं बालक की आयु 21 वर्ष पूर्ण होना चाहिये। निर्धारित आयु से कम आयु में महिला/पुरूष का विवाह करने या करवाने की स्थिति में सम्मिलित व सहयोगी सभी लोग अपराध की श्रेणी में आते हैं। जिन्हें 02 वर्ष तक का कठोर कारावास एवं एक लाख रूपये का जुर्माना अथवा दोनों से दण्डित किया जा सकता है। जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा अग्रिम कार्यवाही करते हुए बालिका, उसके माता-पिता व परिवार वालों एवं ग्रामीणजनों को समझाईश दिया गया कि बालिका की आयु 18 वर्ष पूर्ण होगे पश्चात् ही विवाह करें। सभी लोग बाल विवाह रोकथाम टीम की समझाईस पर सहमति जताई। फलस्वरूप बालिका एवं उसके माता-पिता को बाल कल्याण समिति गरियाबंद में अग्रिम कार्यवाही करने हेतु प्रस्तुत होने को कहा गया। जिसमें उन्होंने सहमति जताई।
विवाह के लिये बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अनुसार बालिका की आयु 18 वर्ष एवं बालक की आयु 21 वर्ष पूर्ण होना चाहिये। निर्धारित आयु से कम आयु में महिला/पुरूष का विवाह करने या करवाने की स्थिति में सम्मिलित व सहयोगी सभी लोग अपराध की श्रेणी में आते हैं। जिन्हें 02 वर्ष तक का कठोर कारावास एवं एक लाख रूपये का जुर्माना अथवा दोनों से दण्डित किया जा सकता है। जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा अग्रिम कार्यवाही करते हुए बालिका, उसके माता-पिता व परिवार वालों एवं ग्रामीणजनों को समझाईश दिया गया कि बालिका की आयु 18 वर्ष पूर्ण होगे पश्चात् ही विवाह करें। सभी लोग बाल विवाह रोकथाम टीम की समझाईस पर सहमति जताई। फलस्वरूप बालिका एवं उसके माता-पिता को बाल कल्याण समिति गरियाबंद में अग्रिम कार्यवाही करने हेतु प्रस्तुत होने को कहा गया। जिसमें उन्होंने सहमति जताई।

